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जीवन से भरी तेरी आँखें

फिल्म: सफर


जीवन से भरी तेरी आँखें
मजबूर करें जीने के लिए
सागर भी तरसते रहते हैं
तेरे होठ का रस पीने के लिए
पीने के लिए

तस्वीर बनाये क्या कोई
क्या कोई लिखे तुझ पे कविता
रंगों छंदों में समाएगी
किस तरह से इतनी सुन्दरता
एक धड़कन है तू दिल के लिए
एक जान है तू जीने के लिए
जीने के लिए
जीवन से भरी तेरी आँखें...

मधुबन की सुगंध है साँसों में
बाहों में कमल की कोमलता
किरणों का तेज है चेहरे पे
हिरणों सी है तुझ में चंचलता
आँचल का तेरे है सार बहुत
कोई चाक जिगर सीने के लिए
सीने के लिए
जीवन से भरी तेरी आँखें...




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