करवटें बदलते रहे सारी रात हम
करवटें बदलते रहे सारी रात हम
आप की कसम ...
गम न करो दिन जुदाई के बहुत हैं कम
आप की कसम ...
याद तुम आते रहे एक हूक सी उठती रही
नींद मुझसे नींद से में भागती छुपती रही
रात भर बैरन निगोडी चांदनी चुभती रही
आग सी जलती रही गिरती रही शबनम
आप की कसम ...
झील सी आंखों में आशिक डूबके खो जाएगा
जुल्फ के साए में दिल अरमान भरा सो जाएगा
तुम चले जाओ नहीं तो कुछ न कुछ हो जाएगा
डगमगा जायेंगे ऐसे हाल में कदम
आप की कसम...
रूठ जाएं हम तो तुम हमको मना लेना सनम
दूर हों तो पास हमको तुम बुला लेना सनम
कुछ गिला हो तो गले हमको लगा लेना सनम
टूट न जाए कभी ये प्यार की कसम
आप की कसम ..

लोड हो रहा है...